सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने शनिवार को नगर निगम द्वारा संचालित ढोटी और मोरवा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल शोधन कार्यों, मशीनरी की स्थिति और प्रयोगशाला का अवलोकन किया। कलेक्टर ने स्वयं पानी के सैंपल का भौतिक परीक्षण भी किया।

निरीक्षण के दौरान प्लांट परिसर की प्रयोगशाला में जल जांच से संबंधित रिकॉर्ड का संधारण अव्यवस्थित पाया गया, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जल परीक्षण के सभी निर्धारित पैरामीटर की नियमित जांच समय-सारिणी के अनुसार की जाए और उसकी रिपोर्ट व्यवस्थित रूप से रखी जाए। साथ ही, तैयार रिपोर्ट का संबंधित इंजीनियर द्वारा सत्यापन अनिवार्य होगा।

कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पैरामीटर में निर्धारित सीमा से अधिक रीडिंग आती है, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारी को दी जाए। उन्होंने कहा कि शोधन के बाद पानी के सैंपल की जांच केवल प्रयोगशाला तक सीमित न रहे, बल्कि पीएचई विभाग और निजी एजेंसी के माध्यम से भी कराई जाए, ताकि जल की गुणवत्ता को लेकर कोई संदेह न रहे।

प्लांट की लैब में पहुंचे कलेक्टर।
प्लांट की लैब में पहुंचे कलेक्टर।

नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए कि ट्रीटमेंट प्लांट की सभी टंकियों में लगे सेंसर की जांच कराई जाए, जिससे संचालन सुचारू बना रहे। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी प्रकार के लीकेज से सप्लाई पाइपलाइन का पानी दूषित न हो। उपभोक्ताओं को वितरित किए जा रहे पानी के सैंपल की भी नियमित जांच के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने हाल ही में इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से हुई मौतों की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सिंगरौली में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पूरी सतर्कता बरती जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के समय नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान, डिप्टी कमिश्नर आर.पी. वैस और नगर निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।