चदैनिया गोशाला में 42 लाख खर्च, फिर भी गोवंश प्यासे:देवसर जनपद में टैंकरों से हो रही सप्लाई; सीईओ बोले- स्थायी व्यवस्था करेंगे









                                          



सिंगरौली जिले की देवसर स्थित चदैनिया मोहन गोशाला में गोवंश के लिए पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 42 लाख रुपए की लागत से बनी इस गोशाला में न तो हैंडपंप है, न बोरवेल और न ही कोई अन्य स्थायी जल स्रोत। मजबूरी में गोवंश को टैंकरों के जरिए पानी पिलाया जा रहा है, जो जरूरत के हिसाब से काफी नहीं है।

ग्रामीण बोले- प्यास से बेहाल हाे रहे गोवंश

ग्रामीणों और गौसेवकों का कहना है कि गोशाला में रखे मवेशी प्यास से परेशान हैं। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। आरोप है कि चारा और पानी के लिए शासन से जो राशि जारी होती है, वह जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं।

टैंकरों से हो रही अस्थायी व्यवस्था

स्थानीय लोगों के अनुसार, गोशाला में रोजाना टैंकरों से पानी मंगवाया जा रहा है। कई बार पानी समय पर नहीं पहुंच पाता, जिससे गोवंश को परेशानी उठानी पड़ती है। इतनी बड़ी लागत से बनी गोशाला में मूलभूत सुविधाओं का न होना सवाल खड़े कर रहा है।

सीईओ बोले- विधिवत संचालन अभी शुरू नहीं हुआ

देवसर जनपद पंचायत के सीईओ संजीव तिवारी ने बताया कि चदैनिया मोहन गोशाला का विधिवत संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी फसलों को बचाने के लिए रात में मवेशियों को यहां रखते हैं और सुबह उन्हें जंगल में छोड़ देते हैं। इसी वजह से अभी तक गोशाला के लिए कोई नियमित बजट स्वीकृत नहीं किया गया है।

सीईओ ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि गोशाला में मवेशी पाए जाते हैं, तो उनके लिए तुरंत पानी और चारे की व्यवस्था की जाएगी।

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