सिंगरौली जिले के ग्राम निगरी वार्ड क्रमांक 41 में उच्च शिक्षा विभाग की भूमि पर बने आवासों को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को प्रभावित परिवारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और मकान न गिराने की मांग की।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे पिछले 20-25 वर्षों से इस भूमि पर कच्चे-पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं और यहीं से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने नगर पालिका में भवन कर जमा किया है, बिजली-पानी के कनेक्शन भी हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किस्त की राशि भी उनके खातों में भेजी जा चुकी है।
इसके बावजूद, उन्हें तहसील से बार-बार अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया जा रहा है। एक पीड़ित ने बताया, "हम गरीब मजदूर लोग हैं, हमारे पास रहने के लिए दूसरा कोई ठिकाना नहीं है। अगर मकान गिरा दिया गया तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा।"
इस पूरे मामले पर तहसीलदार सविता यादव ने स्पष्ट किया कि संबंधित जमीन उच्च शिक्षा विभाग की है और इसे खाली कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी को 31 दिसंबर तक जमीन खाली करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
तहसीलदार ने यह भी जोड़ा कि यदि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आता है कि किसी व्यक्ति के पास वास्तव में कोई अन्य जमीन नहीं है, तो उसके प्रकरण पर प्रशासन सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा और उसे कहीं अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल, प्रशासन का रुख साफ है कि उच्च शिक्षा विभाग की जमीन को खाली कराना अनिवार्य है और तय समय तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।



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